Tuesday, 27 June 2017

आप की याद आती रही रात भर

आप की याद आती रही रात भर
चश्म- -नाम मुस्कुराती रही  रात भर
रात भर दर्द की शमां जलती रही
गम की लौ थर्राती  रही रात भर
बांसुरी की सुरीली सुहानी सदा
याद बन बन के आती रही रात भर
याद के चाँद दिल में उतरते रहे
चांदनी जगमगाती रही रात भर
कोई दीवाना गलियों में फिरता रहा

 कोई आवाज़ आती रही रात भर...  

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